शिवरात्रि क्यों मनाई जाती है। शिवरात्रि की ये कथा कोई नहीं जनता

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shivratri kyu manaya jata hai

शिवरात्रि क्यों मनाई जाती है (shivratri kyu manaya jata hai) क्या आप को पता है में आपको दावे से कह सकता हूँ आपको इस के बारे में नहीं पता है। इस बात के बारे में तो सभी जानते है इस रात्रि को शिव जी और पार्वती माता का मिलन हुआ था इस लिए शिवरात्रि मनाई जाती है लेकिन ये सच नहीं है तो फिर चलिए जानते है सच्ची कहानी क्या है शिवरात्रि मनाने के पीछे।

शिवरात्रि की सच्ची कहानी। शिवरात्रि क्यों मनाई जाती है (shivratri kyu manaya jata hai)

शिव पुराण के हिसाब से श्रस्टि के आरम्भ में भगवन भगवान विष्णु पैदा हुवे और फिर उन की नाभि से भगवान भरमा जी पैदा हुवे। फिर दोनों में ध्वन्ध शरू हो गया दोनों एक दूसरे से बड़ा अपने आप को बताने लगे।

  1. विष्णु जी कहते में बढ़ा हूँ मेने तुम्हे पैदा किया है।
  2. भरमा जी कहते में बड़ा हु में तुम्से ज्यादा शक्ति शाली हूँ।

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नौबत युद्ध तक आ गई लेकिन अचानक दोनों के बिच में एक अग्नि स्तम्भ प्रकट हो गया दोनों उस के दिव्य तेज को देख कर चकित रह गये। भरमा जी और विष्णु जी को उस स्तम्भ का मूल स्त्रोत ढूंढ़ने की सूजी विष्णु पाताल की और चल दिए और भरमा जी आकाश की तरफ चल दिए।

बहुत दिन बीत गये लेकिन दोनों में से किसी को भी उस स्तम्भ का मूल छोर न मिला दोनों हार मान कर लोट आये। और दोनों का अहंकार चूर हो चूका था। तब दोनों ने अग्नि स्तम्भ को प्रणाम किया और दर्शन देने का आग्रह किया तब भगवान शिव ने दर्शन दिए और कहा आप में से कोई भी बड़ा छोटा नहीं है आप दोनों समान है। शिवपुराण के हिसाब से इसी लिए शिवरात्रि मनाई जाती है।

कुछ ओ का कहना है समुन्दर बन्थन के दौरान विष निकला था। श्रस्टि को बचाने के लिए शिव ने उस विष का सेवन किया इसी लिए शिवरात्रि मनाई जाती है।

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